Class 10th Sanskrit Chapter 1 Mangalam Objective Questions 2026 | मङ्गलम् पाठ MCQs Bihar Board | Important Questions with Answers PDF
Class 10th Sanskrit – Chapter 1 “मङ्गलम्” MCQ
🔹 Objective Questions
प्रश्न 1. ‘मङ्गलम्’ कहाँ से संकलित है?
(A) वेद से
(B) पुराण से
(C) उपनिषद् से
(D) वेदाङ्ग से
👉 उत्तर: (C) उपनिषद् से
प्रश्न 2. महान से भी महान क्या है?
(A) आत्मा
(B) देवता
(C) ऋषि
(D) दानव
👉 उत्तर: (A) आत्मा
प्रश्न 3. ‘मङ्गलम्’ पाठ में कितने मंत्र हैं?
(A) चार
(B) पाँच
(C) सात
(D) आठ
👉 उत्तर: (C) सात
प्रश्न 4. ‘मङ्गलम्’ पाठ के रचनाकार कौन हैं?
(A) कालिदास
(B) महर्षि वाल्मीकि
(C) महर्षि वेदव्यास
(D) महात्मा विदुर
👉 उत्तर: (C) महर्षि वेदव्यास
प्रश्न 5. सत्य का मुँह किस पात्र से ढँका है?
(A) हिरण्मय पात्र
(B) मृण्मय पात्र
(C) रजतमय पात्र
(D) ताम्र पात्र
👉 उत्तर: (A) हिरण्मय पात्र
प्रश्न 6. अणु से भी छोटा कौन है?
(A) देवता
(B) ऋषि
(C) आत्मा
(D) दानव
👉 उत्तर: (C) आत्मा
प्रश्न 7. नदियाँ नाम और रूप छोड़कर किसमें मिलती हैं?
(A) समुद्र में
(B) तालाब में
(C) झील में
(D) मानसरोवर में
👉 उत्तर: (A) समुद्र में
प्रश्न 8. किसकी विजय नहीं होती है?
(A) सत्य की
(B) असत्य की
(C) धर्म की
(D) सत्य और असत्य दोनों की
👉 उत्तर: (B) असत्य की
प्रश्न 9. ‘अणोरणीयान्…’ मंत्र किस उपनिषद् से है?
(A) मुण्डकोपनिषद्
(B) कठोपनिषद्
(C) श्वेताश्वेतरोपनिषद्
(D) ईशावास्योपनिषद्
👉 उत्तर: (B) कठोपनिषद्
प्रश्न 10. ‘सत्यमेव जयते’ किस उपनिषद् से लिया गया है?
(A) कठोपनिषद्
(B) मुण्डकोपनिषद्
(C) श्वेताश्वेतरोपनिषद्
(D) ईशावास्योपनिषद्
👉 उत्तर: (B) मुण्डकोपनिषद्
प्रश्न 11. यह संसार किसके द्वारा संचालित है?
(A) आत्मा
(B) परमात्मा
(C) मनुष्य
(D) कोई नहीं
👉 उत्तर: (B) परमात्मा
प्रश्न 12. किसकी विजय होती है?
(A) सत्य की
(B) असत्य की
(C) मोह की
(D) लोभ की
👉 उत्तर: (A) सत्य की
प्रश्न 13. देवलोक का मार्ग किससे प्राप्त होता है?
(A) लोभ से
(B) मोह से
(C) सत्य से
(D) असत्य से
👉 उत्तर: (C) सत्य से
प्रश्न 14. हृदय रूपी गुफा में कौन स्थित है?
(A) देवता
(B) दानव
(C) शरीर
(D) आत्मा
👉 उत्तर: (D) आत्मा
प्रश्न 15. विद्वान अपने नाम और रूप को छोड़कर किसे प्राप्त करता है?
(A) ऋषि
(B) शरीर
(C) दानव
(D) परमात्मा
👉 उत्तर: (D) परमात्मा
प्रश्न 16. ‘ऋतस्य’ शब्द का अर्थ क्या है?
(A) मुख
(B) पात्र
(C) सत्य
(D) द्वार
👉 उत्तर: (C) सत्य
प्रश्न 17. ‘अपावृणु’ का अर्थ क्या है?
(A) ढका हुआ
(B) छोड़ दें
(C) हटा दें
(D) विस्तार करना
👉 उत्तर: (C) हटा दें
प्रश्न 18. उपनिषदों की संख्या कितनी मानी जाती है?
(A) 98
(B) 108
(C) 118
(D) 128
👉 उत्तर: (B) 108
प्रश्न 19. ‘मङ्गलम्’ पाठ का प्रथम मंत्र किस उपनिषद् से लिया गया है?
(A) कठोपनिषद्
(B) मुण्डकोपनिषद्
(C) ईशावास्योपनिषद्
(D) श्वेताश्वेतरोपनिषद्
👉 उत्तर: (C) ईशावास्योपनिषद्
प्रश्न 20. ‘मङ्गलम्’ पाठ में कैसे मंत्र हैं?
(A) गद्यात्मक
(B) पद्यात्मक
(C) गद्य और पद्य दोनों
(D) तुकबंदी
👉 उत्तर: (B) पद्यात्मक
प्रश्न 21. किसका कथन है – “मैं अज्ञानी हूँ और अन्य ज्ञानी हैं”?
उत्तर: विद्वान पुरुष का।
प्रश्न 22. “वेदाहमेतं … विद्यतेऽयनाय” किस उपनिषद् से लिया गया है?
उत्तर: श्वेताश्वतरोपनिषद्।
प्रश्न 23. “दिव्यम् …” किस उपनिषद् से संकलित है?
उत्तर: मुण्डकोपनिषद्।
प्रश्न 24. प्रवाहित होती हुई नदी कहाँ मिल जाती है?
उत्तर: समुद्र में।
प्रश्न 25. मोक्षार्थी ऋषिगण किसे खोजते हैं?
उत्तर: सत्य को।
प्रश्न 26. “सत्यमेव जयते … निधानम्” किस उपनिषद् से लिया गया है?
उत्तर: मुण्डकोपनिषद्।
प्रश्न 27. “अणोरणीयान् … धातुप्रसादान्महिमानमात्मनः” किस उपनिषद् से लिया गया है?
उत्तर: कठोपनिषद्।
प्रश्न 28. “हिरण्मयेन पात्रेण … दृष्टये” किस उपनिषद् से लिया गया है?
उत्तर: ईशावास्योपनिषद्।
🔹 लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)
प्रश्न 1. मङ्गलम् पाठ के आधार पर सत्य का स्वरूप बताइए।
उत्तर:“मङ्गलम्” पाठ में सत्य का स्वरूप अत्यंत उच्च और दिव्य बताया गया है। सत्य का मुख असत्य रूपी हिरण्यमय आवरण से ढका हुआ है। साधक भगवान सूर्य से प्रार्थना करता है कि वह इस आवरण को हटाएँ, जिससे सत्य का साक्षात्कार हो सके। सत्य के मार्ग पर चलकर ही ऋषिगण मोक्ष को प्राप्त करते हैं।
प्रश्न 2. उपनिषद् में किसका वर्णन है?
उत्तर:- उपनिषदों में सर्वशक्तिमान, सर्वव्यापी एवं सत्यस्वरूप परमात्मा का वर्णन किया गया है। वह परमात्मा ही इस सम्पूर्ण संसार का पालनकर्ता और नियन्ता है। उपनिषदों में उसकी महिमा और महानता का विस्तृत वर्णन मिलता है।
प्रश्न 3. आत्मा का स्वरूप कैसा है? वह कहाँ रहता है?
उत्तर:-आत्मा अविनाशी, शुद्ध और सूक्ष्म होती है। वह संसार के मोह, माया, द्वेष और छल-कपट से रहित होती है। आत्मा सूक्ष्म से भी सूक्ष्म और महान से भी महान है। वह प्रत्येक जीव के हृदय रूपी गुहा में निवास करती है।
प्रश्न 4. विद्वान पुरुष परमात्मा को कैसे प्राप्त करते हैं?
उत्तर:-जिस प्रकार नदियाँ अपने नाम और रूप को त्यागकर समुद्र में मिल जाती हैं, उसी प्रकार विद्वान पुरुष भी अपने अहंकार, मोह और सांसारिक बंधनों को त्याग देते हैं। वे परमात्मा की साधना में लीन होकर अंततः उसी में विलीन हो जाते हैं।
प्रश्न 5. “मङ्गलम्” पाठ का पाँच वाक्यों में वर्णन करें।
उत्तर:-“मङ्गलम्” पाठ उपनिषदों के दार्शनिक सिद्धांतों पर आधारित है। इसमें परमात्मा की महिमा और उसकी सर्वव्यापकता का वर्णन किया गया है। यह संसार उसी परमात्मा से संचालित होता है। सभी ऋषि-मुनि उसी परमात्मा को प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। इस पाठ में उपनिषदों के पाँच प्रमुख मंत्रों को पद्य रूप में प्रस्तुत किया गया है
Class10th Sanskrit Chapter 1 Manglam

